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अमुओबा जेद्दाह ने हज 2026 के ग़ैर संजीदा हीरोज़ को सम्मानित किया

जद्दा- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओल्ड बॉयज एसासिएशन (AMUOBA) की जद्दा शाखा ने सामुदायिक रज़ाकारों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष अभिनंदन समारोह का आयोजन किया। तक़रीब-ए-तहसीनः खादिमन-ए-हुज्जाज के नाम शीर्षक वाले इस कार्यक्रम में उन निःस्वार्थ व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने 2026 के हज सीजन के दौरान भारतीय हाजियों की सहायता की।
जद्दा में भारत के महावाणिज्यदूत फहद अहमद खान सूरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उनके साथ वाणिज्यदूत के वरिष्ठ अधिकारी, प्रमुख कम्युनिटी के मुमताज रहनुमा और रज़ाकार भी शामिल थे। इस समारोह में ज़मीनी स्तर पर की गई सेवा के विशाल सालाना हज यात्रा पर पड़ने वाले गहरे प्रभाव का जश्न मनाया गया।
जद्दा स्थित अमुओबा के अध्यक्ष डाक्टर सहज़ादा प्रिंस मुफ्ती ज़ियाउल हसन ने शाम का नाम का शुभारंभ किया । उन्होंने हाजियों की सेवा को एक सौभाग्य और पवित्र कर्तव्य बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि केवल प्रशासनिक योजना ही से सफल हज्ज की गारंटी नहीं दी जा सकती । रज़ाकार एक महत्वपूर्ण इन्सानी पुल का काम करते हैं। वे बुज़ुर्ग और थके हुए हाजियों को ज़रुरी रहनुमाई, सम्मान और सुकून प्रदान करते हैं। डॉ ज़िया ने भारतीय हज मिशन और विभिन्न सरकारी निकायों के अथक प्रयासों की भी सराहना की ।


महावाणिज्यदूत सूरी ने 2026 के अभियानों के विशाल पैमाने पर प्रकाश डाला। हज मिशन ने सफलता पूर्वक 175,025 भारतीय हाजियों के कोटे को पूरा किया। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा, परिवहन और आवास के क्षेत्र में व्यापक समन्वय की आवश्यकता थी। उन्होंने सामान प्रबंधन के संबंध में उल्लेखनीय लॉजिस्टिकल उपलब्धि की प्रशंसा की। भारी मात्रा में सामान होने के बावजूद, केवल दो खोए हुए सामान के मामले अनसुलझे रहे।
महावाणिज्यदूत ने इंडियन कम्युनिटी मक्का आई.सी.एम. की सफलता पर भी प्रकाश डाला। इस पहल ने स्वयंसेवकों के समन्वय के लिए एक एकीकृत मंच प्रदान किया। इंजीनियर फज़ल मुहम्मद की विशेष रूप से सराहना की गई। ज़मीनी हक़ीक़तों की उनकी गहरी समझ ने यह सुनिश्चित किया कि स्वयंसेवकों को ठीक उन्हीं स्थानों पर तैनात किया जाए जहां हाजियों को उनकी सबसे अधिक आवश्यकता थी।
मक्का से आए रज़ाकरों को उनके धैर्य और करुणा के लिए प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह दिए गए। कई लोगों के लिए, यह समारोह उनके शांत, कठिन परिश्रम के लिए दुर्लभ सार्वजनिक सम्मान का अवसर था।


महासचिव अतहर रसूल ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। कार्यकारी समिति के सदस्यों इमरान सिद्दीक़ी, फहद आफरीदी, आबिद हुसैन और अदनान शोएब ने निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की। एसोसिएशन ने प्रायोजक साद अनवर और डॉ, मुहम्मद अब्दुल सलीम को उनके उदार साजो-सामान और वित्तीय सहयोग के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।
उपराष्ट्रपति रब नवाज़ खान ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। शाम का समापन सौहार्दपूर्ण रात्रिभोज के साथ हुआ। यह आयोजन इस बात का सशक्त प्रमाण था कि हज की सफलता काफी हद तक सामुदायिक स्वयंसेवकों के मौन और गहन समर्पण पर निर्भर करती है।

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