ब्रासीलिया-ब्राज़ील में इस समय की सबसे बड़ी खबर 25 अक्टूबर, 2026 को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के निर्णायक रन-ऑफ (दूसरे चरण के मतदान) को लेकर है। मौजूदा वामपंथी राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा और उनके दक्षिणपंथी प्रतिद्वंद्वी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो (पूर्व राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो के बेटे) के बीच बेहद कड़ा मुकाबला चल रहा है।
इस चुनाव में इस प्रकार बहस और नोकझोंक चल रही है
चुनावी बहस में तीखी नोकझोंक
हाल ही में दोनों उम्मीदवारों के बीच पहली आधिकारिक टेलीविज़न बहस हुई। इस बहस में लूला डी सिल्वा और फ्लेवियो बोल्सोनारो ने एक.दूसरे पर भ्रष्टाचार और व्यक्तिगत रूप से तीखे हमले किए। चुनावी सर्वेक्षणों ( Polls) के अनुसार दोनों के बीच कांटे की टक्कर है, जहां फ्लेवियो बोल्सोनारो मामूली बढ़त बनाए हुए हैं। दोनों के लिए भ्रष्टाचार इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
फेसबुक.मेटा (Meta) को 24 घंटे का अल्टीमेटम
ब्राज़ील की शीर्ष चुनावी अदालत ने सोशल मीडिया कंपनी मेटा ( Meta) को 24 घंटे का समय दिया है। लूला के अभियान दल ने आरोप लगाया था कि फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लूला की चुनावी सामग्री को दबाया जा रहा है ताकि बोल्सोनारो को फायदा मिले। अदालत ने मेटा से दोनों उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने का प्रमाण मांगा है।
काम के घंटों (Work Week) में कटौती को मंजूरी
चुनावों के बीच ब्राज़ील की सीनेट ने एक ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत देश में कामकाजी सप्ताह (Work Week) को 6 दिनों से घटाकर 5 दिन (अधिकतम 40 घंटे प्रति सप्ताह) किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन में बिना किसी कटौती के इसे चरणों में लागू किया जाएगा।
अमेज़न के जंगलों में आग का संकट
एक तरफ जहां सरकार का दावा है कि अमेज़न में वनों की कटाई के मामलों में रिकॉर्ड कमी आई है, वहीं दूसरी तरफ अल नीनो ( El Nino) और इंसानी गतिविधियों के कारण अमेज़न के जंगलों में इस महीने भीषण आग (Wildfires) भड़की हुई है। इसके चलते कई इलाकों में धुआं फैल गया है और आपातकाल घोषित किया गया है।
ब्राज़ील के चुनाव में वामपंथी राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डी सिल्वा और फ्लेवियो बोल्सोनारो के बीच कड़ा मुक़ाबला




