Friday, April 24, 2026
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विश्व में अपनी पहचान बनाने वाले ’’फन्ना बाबू’’ शिवरतन अग्रवाल नहीं रहे

धोरों की धरती से निकलकर वैश्विक उद्योग जगत के आकाश पर अपनी सफलता के हस्ताक्षर करने वाले शिवरतन अग्रवाल ’’फन्ना बाबू’’ का जोवन किसी फिल्मी पटकथा से काम नहीं है। 4 मई 1951 को जन्में शिवरतन ने यह साबित किया कि यदि लक्ष्य के प्रति जुनून हो, तो एक छोटे शहर में रह कर भी दुनिया को बदला जा सकता है।
स्व. हल्दीराम अग्रवाल के पौत्र होने के नाते स्वाद की विरासत उन को घुट्टी में मिली थी, लेकिन उन्होंने बना बनाया रास्ता चुनने के बजाय संघर्ष को चुना। 1993 में बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल की स्थापना की। यह वह दौर था जब भुजिया को एक संगठित ग्लोबल ब्रांड बनाने के बारे में कोई सोच भी नहीं सकता था। उन्होंने सकारात्मकता को मूलमंत्र माना और युवाओं को हमेशा एक ही सीख दी -ज़ोखिम उठाने से डरो मत, मेहनत का कोई विकल्प नहीं है।
जब खुद मार्ग पर खड़े होकर की सेवाः शिवरतन जी की सफलता का अंदाजा उनके टर्नओवर से नहीं बल्कि उनकी सादगी से लगाया सकता है। हजारों करोड़ की कंपनी के मालिक होने के बावजूद अहंकार उन्हें छू तक नहीं पाया। बीकानेर संभाग का सबसे आधुनिक हल्दीराम मूलयद कार्डियोलॉजी सेंटर उनकी इसी सेवाभावी मोच का परिणाम है। जहां आज हजारों लोगों को नया जीवन मिल रहा है।
बिजनेस के मील के पत्यर
शिवरतन ने 1986 में शिवदीप फूड्स के रूप में नीव रखी, जो 1995 में बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड बनी। 1994 में निर्यात शुरू कर उन्होंने व्यापार के क्षेत्र में बीकानेर की सीमाएं लांघी। व्यवसाय को आधुनिक बनाने के साथ-साथ उन्होंने होटल बसंत विहार पैलेस और बिकाजी टूरिस्ट जैसे उपक्रमों से पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ठ पहचान बनाई। 10 जून 1986 को पार्टनरशिप फर्म के रुप में शुरुआत हुई। 1993 में स्नैक्स मार्केट के लिए पृथक पहचान के साथ बीकाजी ब्रांड लॉन्च किया गया। उनकी पत्नी और मैनेजिंग डायरेक्टर सुशीला देवी को 1997 में तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया। कंपनी ने 1999 में मिनरल वाटर और मिठाइयों ,रसगुल्ला, गुलाब जामुन, के क्षेत्र में कदम रखा।
आज होगा अंतिम संस्कार, गहलोत आएंगे
विशेष विमान से उनका शव रात बीकानेर लाया गया। शव का अंतिम संस्कार अग्रवाल समाज के नत्थूसर गेट के बाहर स्थ्ति हांडी कुंडी शमशान गृह में होगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने शिवरतन के निधन के निधन को उद्योग जगत के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। उनके अंत्येष्टी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार सुबह पहुंचेंगे।
40 देशों तक विस्तार
बीकानेर के छोटे से घर से शुरू हुआ सफर आज एक वैश्विक मिसाल बन चुका है। शिवरतन अग्रवाल के विजन ने बीकाजी को दुनिया की सबसे बड़ी भुजिया उत्पादक कंपनियों में शुमार कर दिया है। कंपनी टनों में भुजिया और अन्य उत्पाद तैयार करती है। आज बिकाजी का स्वाद अमेरिका, खाड़ी देशों और यूरोप सहित 40 से अधिक देशों में अपनी धाक जमा चुका है। भारत में 550 से अधिक डिस्ट्रीब्यूटर्स के नेटवर्क के साथ बीकाजी हर गली मुहलले तक पहुंचा है।

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