Sunday, May 3, 2026
Google search engine
Homeधर्मइस्लामहज 2026 के मुक़द्दस सफर पर जाने वाले हाजी लोगों को 10,000...

हज 2026 के मुक़द्दस सफर पर जाने वाले हाजी लोगों को 10,000 का और भुगतान करना होगा

हज के नाम पर सरकार चाहे कोई भी हो किसी न किसी बात को लेकर हज किराया बढ़ाया जाता रहा है। पहले सबसिडी खतम की बाद में नए-नए मुद््दे बना कर हर साल पैसे बढ़ते ही रहे हैं। हज एक ऐसा सफर है जिसे हर मुसलमान ज़िन्दगी में एक बार करना चाहता हैं, पूरी ज़िन्दगी पैसा जोड़-जोड़ कर बड़ी मुश्किल से इंतज़ाम किया जाता है। सभी हाजी अमीर नहीं होते मगर हज पर जाने की इच्छा सभी की होती है। हर साल किसी न किसी बहाने से खर्च बढ़ने से केन्द्रीय हज कमिटी की तरफ सब की नज़र होती है मगर सब खामोश। अब इस साल हज का खर्च बढ़ाने की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में हालात और ग्लोबल महंगाई है। साल 2026 के लिए, भारत सरकार ने हर हजयात्री पर 10,000 का इज़ाफ़ी बोझ डाला है क्योंकि एयरलाइंस ने हवाई किराया बढ़ाया है।
खर्च बढ़ाने की मुख्य वजह ये हैं-
हवाई किराए में इज़ाफ़ा जेट फ्यूल ATF की बढ़ती कीमतः मिडिल ईस्ट में तनाव की वजह से हवाई तेल की कीमत बढ़ गई है, जिसकी वजह से एयरलाइंस ने किराया बढ़ाने की मांग की थी।
नया सरचार्जः 2026 के लिए, हज कमेटी ने डिफरेंशियल एयरफेयर के तौर पर हर हाजी से 10,000 एक्स्ट्रा जमा करने को कहा है।
सऊदी अरब में बदलाव VAT टैक्स में बढ़ोतरीः
सऊदी अरब ने 2020 में वैट को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था, जिसका असर हर सर्विस ,होटल, ट्रांसपोर्ट, खाना, पर पड़ रहा है।
प्रोफेशनल सर्विसेजः सऊदी हुकूमत ने अब हज को एक कमर्शियल एंटिटी की तरह मैनेज करना शुरू किया है, जहाँ प्राइवेट कंपनियाँ सर्विसेज देती हैं, जो पहले के मुकाबले महंगी हैं।
रुपये की गिरावट करेंसी एक्सचेंजः भारतीय रुपये की कीमत सऊदी रियाल और यूएस डॉलर के मुकाबले कम हुई है। चंुकि सऊदी में सारे खर्चे रियाल में होते हैं, इसलिए हाजी को वहां उतनी ही सर्विसेज़ के लिए ज़्यादा रुपये देने पड़ते हैं।
रिहाईश और दीगर खर्चः होटल्स और ट्रांसपोर्टः
मक्का और मदीना में हरमैन शरीफैन के क़रीब रहने का खर्चा काफी बढ़ गया है। साथ ही, वहां के लोकल ट्रांसपोर्ट और मुअल्लिम ’’गाइड्स’’ की फीस भी हर साल बढ़ती जा रही है।
हज किराए पर 10 हजार रुपए बढ़ोतरी पर सरकार बोली- बोझ नहीं, राहत दिलाई है।
हज यात्रा किराए में $100 की वृद्धि पर सरकार ने स्पष्टीकरण दिया है। मध्य पूर्व तनाव और एविएशन टर्बाइन फ्यूल ATF की कीमतों में उछाल के कारण एयरलाइंस $300-400 बढ़ाने की मांग कर रही थीं। सरकार के हस्तक्षेप से यह वृद्धि केवल $100 तक सीमित रही, जिससे हज यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ कम पड़ा।
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कही ये बातः
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस फैसले को लेकर भावनात्मक अपील की। उन्होंने कहा, हज करोड़ों लोगों के लिए जिंदगी में एक बार पूरा होने वाला सपना है हमने कोशिश की कि किसी पर ज्यादा बोझ न पड़े।
सरकार ने यह भी बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और कानूनी तरीके से हुई। फैसला इसलिए लिया गया ताकि हज 2026 की यात्रा प्रभावित न हो। पहले से रजिस्टर एक लाख से ज्यादा यात्रियों की यात्रा सुचारू रहे।
सरकार ने निजी टूर ऑपरेटरों पर साधा निशाना
दिलचस्प बात यह है कि सरकार ने निजी टूर ऑपरेटरों पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा। मंत्रालय के मुताबिक, प्राइवेट ऑपरेटर पहले ही किराया बढ़ा चुके थे और बाद में लगभग $150 और बढ़ा दिया।
सरकार का सीधा संदेश है कि यह बढ़ोतरी मजबूरी थी?, लेकिन इसे कम से कम रखने की कोशिश की गई। कुल मिलाकर तस्वीर साफ है कि बढ़ती वैश्विक परिस्थितियों का असर हज यात्रा पर भी पड़ा है, हालांकि सरकार इसे नुकसान नहीं, बल्कि नुकसान को कम करने की कोशिश बता रही है।
हज यात्रियों से 10 हजार एक्स्ट्रा मांगा जा रहा ओवैसी बोले- ये शोषण है, सर्कुलर वापस ले सरकार
बेरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने हज कमेटी द्वारा यात्रियों से 10,000 हजार रुपये एक्स्ट्रा हवाई किराए की मांग पर सवाल उठाया है, उन्होंने कहा कि ये सरासर शोषण है, ओवैसी ने बताया कि यात्रियों की तरफ से पहले ही 90,844 लिए जा चुके हैं। ओवैसी ने तुरंत सर्कुलर वापस लेने को कहा है।
हज जाने वाले यात्रियों के किराए को लेकर ए.एम.आई.एम प्रमुख बेरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट शेयर किया है। ओवैसी ने लिखा कि हज कमेटी हज यात्रियों से हवाई किराए में अंतर के नाम पर अतिरिक्त 10,000 की मांग कर रही है। ये तब हो रहा है, जब कुछ महीने पहले ही मुंबई से रवाना होने वाले हज यात्री से 90,844 रुपये वसूले जा चुके हैं। यह आम यात्रियों के लिए मौजूदा दरों से लगभग दोगुना है। बेरिस्टर ओवैसी ने नोटिस की फोटो भी पोस्ट मे शेयर की।
ओवैसी ने कहा कि क्या हज यात्री हज कमेटी के जरिए जाने की सजा भुगत रहे हैं? ये सरासर शोषण है और कुछ नहीं। ज्यादातर हज यात्री अमीर नहीं होते, वे हज पर जाने के लिए सालों तक पैसे जमा करते हैं, उनके लिए यह कोई विलासिता नहीं है। उन्होंने कहा कि इस सर्कुलर को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए और हज यात्रियों से वसूले गए पैसे उन्हें वापस दिलाए जाने चाहिए

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments