Friday, April 24, 2026
Google search engine
Homeप्रमुख समाचारचीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा फिर से शुरू करने की तैयारी

चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा फिर से शुरू करने की तैयारी

लगभग 5 साल पहले गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद ये सर्विस बंद कर दी गई थीं
भारत सरकार चीनी नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीज़ा फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है। लगभग 5 साल पहले गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद ये सर्विस बंद कर दी गई थीं। अब दोनों देशों के बीच जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है। यह क़दम दोनों देशों के बीच धीरे-धीरे आसान होते रिश्तों के बीच उठाया गया है। गौरतलब है कि हाल ही में भारत और चीन ने डायरेक्ट फ्लाइट्स फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही लंबे समय से रुकी हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से शुरू हो गई है। नए वीज़ा नियम मुख्य रूप से चीन, हांगकांग और मकाऊ से आने वाले यात्रियों पर लागू होंगे।
सरकार का यह फैसला टूरिज्म, व्यापार और लोगों के बीच मेल-जोल को फिर से शुरू करने की कोशिशों का हिस्सा है। दोनों देशों के बीच तनाव के कारण पिछले कुछ सालों से ये गतिविधियां रुकी हुई थीं। हालांकि वीज़ा जारी करने के लिए सामान्य प्रक्रिया का पालन किया जाएगा, लेकिन सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कुछ पाबंदियां भी लागू रहेंगी। एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे। बिज़नेस कम्युनिटी ने भी इस क़दम का स्वागत किया है। फिलहाल, दोनों देश धीरे-धीरे अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर सहयोग की ओर बढ़ रहे हैं।
गौरतलब है कि गलवान घाटी की घटनाओं के बाद दोनों देशों के रिश्ते 1962 के युद्ध के बाद सबसे खराब स्थिति में पहुंच गए थे। हालांकि बाद में कई दौर की डिप्लोमैटिक और मिलिट्री बातचीत के ज़रिए पैंगोंग झील, गलवान और हॉट स्प्रिंग्स जैसे कई तनाव वाले इलाकों से सैनिक पीछे हट गए। अक्टूबर 2024 में डिप्सांग और डेमचोक इलाकों से सैनिकों को हटाने पर सहमति बनी। कुछ दिनों बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग रूस के कज़ान में मिले, जिसमें आपसी रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments