जेद्दाह, सऊदी अरब। इंडियन बिजनेस एंड प्रोफेशनल नेटवर्क (IBPN)ने हाल ही में शेरेटन जेद्दाह होटल में एक महत्वपूर्ण मंच का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब की विजन 2030 आर्थिक योजना के तहत उभर रहे नए व्यवसायिक अवसरों पर चर्चा करना था। इस मंच में निवेशकों, व्यापारिक नेताओं और विभिन्न उद्योग विशेषज्ञों ने भाग लिया और सऊदी अरब के बदलते आर्थिक परिददृश्य का विश्लेषण किया। प्रतिभागियों ने रियल एस्टेट, वैश्विक लॉजिस्टिक्स, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन और समुद्री संचालन सहित प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की।
नेटवर्क के अध्यक्ष अजीजुर्रब ने अधिकारिक भाषण के साथ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने भारत और सऊदी अरब के बीच बढ़ते आर्थिक संबंधों पर ज़ोर दिया। उन्होंने दोनों देशों के पेशेवरों के बीच गहरे सहयोग संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला।
आसिम जीशान ने कार्यक्रम का संचालन किया और दिन भर चर्चाओं का मार्गदर्शन किया।
अतिथि वक्ताओं के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र चर्चा का प्रमुख विषय रहा। बसरी डेवलपमेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मिन्हाज बसरी ने विशाल संपत्ति बाजार के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब का रियल एस्टेट बाजार वर्तमान में लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर का है।
उन्होंने समझाया कि बड़े बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के कारण पूरे देश में भारी मांग है। इसके बाद मोहला कंपनी के एजाज अली ने प्रीमियम रेजीडेंसी कार्यक्रमों में हुए हालिया बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे ये विशेष वीज़ा अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं और दीर्घकालिक पूंजी को सऊदी अरब की ओर आकर्षित करते हैं।
इस मंच पर लॉजिस्टिक्स और समुद्री परिवहन पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मोहम्मद फरहान काज़ी BAFCO International और मोसनादा लॉजिस्टिक्स सर्विसेज के डॉ. अफज़ल अज़ीज़ ने राष्ट्रीय परिवहन और लॉजिस्टिक्स रणनीति का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब किस प्रकार सफलतापूर्वक एक प्रमुख वैश्विक लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। रेड सी गेटवे टर्मिनल के चेतन पांडे ने जेद्दा इस्लामिक पोर्ट की नवीनतम परिचालन दक्षताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती व्यापारिक गतिविधियों को समर्थन देने के लिए आधुनिक बंदरगाह अवसंरचना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
व्यक्तिगत प्रस्तुतियों के बाद दर्शकों के साथ एक संवादात्मक पैनल चर्चा हुई। होराइजन अरेबियन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शक्कीर हुसैन भी अन्य विशेषज्ञों के साथ मंच पर उपस्थित हुए। पैनलिस्टों ने नियामक अनुपालन ( regulatory compliance) और बदलते बाज़ार परिददृश्यों जैसी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। उन्होंने सऊदी बाज़ार में परिचालन स्थापित करने की कोशिश कर रहे अंतरराष्ट्रीय व्यवसायों के लिए सफल रणनीतियों को भी साझा किया।
कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए कई कार्यकारी निदेशकों और आयोजकों ने सहयोग दिया। इस समूह में डॉ. मिर्ज़ा क़ुदरत नवाज़ बेग, क़मर सदा, राणा सिंह, विजय सोनी, मीर ग़ज़नफ़र अली ज़की और ज़कारिया बिलादी शामिल थे।
कार्यक्रम के समापन पर प्रदीप शर्मा ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन दिया।
इस मंच ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों को मज़बूत करने के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता को सफलतापूर्वक प्रदर्शित किया। नेतृत्व टीम ने अधिक भारतीय उद्यमियों और पेशेवरों को नेटवर्क में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उभरती सऊदी अर्थव्यवस्था में सफलता के लिए नेटवर्किंग और ज्ञान साझा करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। संगठन सऊदी अरब के आर्थिक परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़़ने के साथ-साथ सार्थक संवाद के लिए मंच प्रदान करना जारी रखने की योजना बना रहा है।





