दिल्ली में CJP का चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन, कनॉट पैलेस में घुसे आंदोलनकारी, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने लिया हिरासत में, इंटरनेट सेवा बंद
नई दिल्ली। दिल्ली में आज CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन है। प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। चुनाव आयोग के खिलाफ CJP प्रदर्शन कर रही है। कनॉट पैलेस में आंदोलनकारी घुस गए है, प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया, कुछ प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पहुंचे, दिल्ली में 4 किमी के दायरे में इंटरनेट सेवा बंद है, मोबाइल इंटरनेट की सभी तकनीक पर पूरी तरह रोक है, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात है, सीजेपी को प्रदर्शन की मंजूरी नहीं मिली है, जंतर मंतर के आसपास धारा 163 लागू है।
इससे पहले रेलवे ने बड़ा फैसला लिया, आज दिल्ली आने वाली सभी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गई, आज सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे तक ट्रेनें रद्द की गई। नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन आने वाली ट्रेन रद्द की गई, पटना से चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस रद्द, कानपुर से दिल्ली आने वाली श्रम शक्ति एक्सप्रेस रद्द की गई, लखनऊ मेल,मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस भी रद्द की गई।
हावड़ा-दिल्ली, सियालदह-दिल्ली राजधानी भी रद्द की गई, भारी ट्रैफिक जाम की आशंका के चलते रेलवे ने फैसला लिया, दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा बॉर्डर पर पुलिस अलर्ट जारी किया। दिल्ली में आज CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन है, प्रदर्शन से पहले दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, मेट्रो ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी भी घटाई जा सकती है, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।
दिल्ली में 20 हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात है, 26 हजार CAPF जवानों की भी तैनाती है, नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू की गई, दिल्ली के बॉर्डर पर बैरिकेडिंग और कड़ी निगरानी है, यूपी, हरियाणा और राजस्थान से लगने वाली सीमाओं पर अलर्ट है, प्रदर्शन को देखते हुए कई मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गई।
इस प्रकार समूचे भारत में आम लोगों के लिए और विशेष कर ग़रीब और कमजोर जनता जिसका खाने पीने के लिए मजबूरी में बाहर निकल कर कमाई करना होता है। वह जनता पता नहीं कब तक इस दुविधा में फंसी रहेगी।
सरकारों, न्यायिक प्रक्रिया और प्रशासन का ध्यान जब जनता की ओर से हट जाता है तब ऐसा ही सब कुछ देखने को मिलता है
इस ओर जितना जल्दी ध्यान दिया जाएगा उतना ही जनता के लिए फायदेमंद हो सकता है। इस मंहगाई के दौर में इस प्रकार की कठिनाईयां बहुत भयानक रुप में बदल जाती है। इन सब को अगर ध्यान में रखा जाए तो एक दिन में लाखों करोड़ों को सरकार को नुकसान होगा जिसको झेलना होगा फिर उसी गरीब जनता को।




