भारत और सऊदी अरब के बीच प्रस्तावित इलेक्ट्रिकल ग्रिड इंटरकनेक्शन (विद्युत-अंतर्संबंध) परियोजना की समीक्षा के लिए सोमवार को एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण चर्चा में भारत के विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल और सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय के विद्युत मामलों के सहायक मंत्री नासिर अल-कहतानी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वर्चुअल मीटिंग) के माध्यम से हिस्सा लिया।
चूंकि यह बैठक पूर्ण रूप से वर्चुअल (वीडियो कॉन्फ्रेंस) थी, इसलिए आधिकारिक तौर पर इसकी तस्वीरें स्क्रीनशॉट या डिजिटल वीडियो मीटिंग लेआउट के रूप में जारी की गई हैं, जिसमें दोनों देशों के प्रतिनिधि अपने-अपने कार्यालयों से स्क्रीन के माध्यम से जुड़े नजर आ रहे हैं।
बैठक और परियोजना की मुख्य बातेंः
ऐतिहासिक ग्रिड लिंकः
दोनों देशों के बीच लगभग 9 अरब डॉलर (अनुमानित लागत) की लागत से समुद्र के नीचे (अंडरसी) करीब 2,100 किलोमीटर लंबी हाई.विद्युत ट्रांसमिशन केबल HVDC बिछाने की योजना है।
भविष्य की रणनीतिः
इस बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-सऊदी अरब इलेक्ट्रिकल इंटरकनेक्शन पहल की प्रगति की समीक्षा की, तकनीकी सहयोग, ज्ञान साझा करने और ग्रिड संचालन पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
नया फोकसः
सऊदी अरब ने एक्स्ट्रा हाई वोल्टेज EHV ट्रांसमिशन सिस्टम और डेटा सेंटरों की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए द्विपक्षीय सहयोग में विशेष रुचि दिखाई है।
भारत और सऊदी अरब के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वर्चुअल बैठक




