अल्लाह जिसे नवाजता है उसे छप्पर फाड़ के बेहिसाब नवाजता है ऐसे ही गुदड़ी के लाल मनफूल मांगलिया का जन्म तारीखी गाँव रिड़मलसर सिपाहियान ज़िला बीकानेर में , वली सिफत वालिद रमज़ान खां मांगलिया व मेहनतकश वालिदा नसीबन खातून उर्फ “नसा” की कोख से 7 जुलाई 1944 को हुआ । आपकी परवरिश बड़े परिवार में जिन हालात में हुवा, वो तकलीफ देह ही था। जनाब मनफूल साहब स्कूल कम ही जा पाए थे, आज इनका पूरा खानदान तालीमयाफ्ता और खुश है। आपकी शुरूआती ज़िन्दगी में अक्सर आपको मोटर गाड़ियों के काम काज करते ही देखा गया है । आप राज परिवार के चहेते कार ड्राइवर भी रहे हैं। आपके भाई हाजी ग़नी खान मांगलिया ने आपको 10 मार्च 1962 में प्रोजेक्टर ऑपरेटर के पद पर वेटेरिनरी काॅलेज बीकानेर में नौकरी लगा दिया था । उस ज़माने में मेहनती लोगों को नौकरी मिलने में दुश्वारी नहीं होती थी। आप वेटेरिनरी विभाग से राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय में कृषि विज्ञान केन्द्र में टेक्नीकल असिस्टेन्ट (ऑडियो विजुअल) पद पर सेवा करते हुए , मार्च 2004 में आप सरकारी सेवा से आज़ाद हो गये। आप कई देशों का सफर भी कर चुके हैं।
आपकी मेहनत का ही असर रहा कि आप सामाजिक, राजैनतिक, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यों में आज भी गहरी दिलचस्पी से काम कर रहे हैं। जिस क्षेत्र में भी आपने क़दम रखा, आपको सफ़लता ही मिली है। आप बीकानेर की कई संस्थाओं से जुड़े हुए हैं । बीकानेर में आपकी पहचान समाज के ज़िम्मेदारों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों में होती है।
वली सिफत वालिद और नेक खातून वालिदा की दुआओं से आपने साबित कर दिया है कि कम पढ़ा-लिखा व्यक्ति भी सफलता के शीर्ष तक पहुँच सकता है। ये सिफर से शिखर तक का सफ़र अदना से व्यक्ति ने किसी पैतृक या राजनीति के सहारे नहीं, बल्कि अपनी मेहनत व लग्न से तय किया है । सादा जीवन व उच्च विचार की प्रतिभा ने अपने जीवन का एक ही लक्ष्य रखा – ‘‘कठिन मेहनत ,पसीने की कमाई ’’ जिस व्यक्ति को मजदूरी करते लोगों ने देखा है, आज वही शख्स सम्पन्न होते हुए भी सुबह से शाम तक कुछ न कुछ करता हुआ देखा जाता है।
ये चमत्कार भी फरिश्ता सिफत वालिद की दुआओं की वजह ही है जिससे पूरा खानदान आज फल फूल रहा है।
जनाब मनफूल साहब ने कोई भी काम किया है उसको अच्छे अख्लाक़ के बल पर ही किया हैं तब ही तो सिफ़र से शिखर तक का सफ़र चमत्कारी तरीके से किया है। बहुआयामी, प्रतिभा के धनी का हर क्षण यथा शक्ति किसी न किसी की मदद करना इनके स्वभाव में रहा है।
इस शिखर पुरुष के कई वृतांत सुनने व देखने में आए हैं जिनका आकलन समाज के गणमान्य लोग किया करते हैं। मनफूल मांगलिया व्यवहारिक व साधारण प्रवृति के व्यक्ति है ,आप में जोश तो बहुत है पर सोचते बाद में है । आप हर काम करने को आतुर रहते हैं उसका क्या अंजाम होगा इस पर नहीं सोचते हैं । इनकी साहसिकता का बहुत बड़ा दृश्य देख लोग दांतो तले
ऊँगुली व हैरत करने लग गए , मोथा आदमी सूरसागर में अपनी जान को खतरे में डाल अनजान अबला को बचाने कीचड़ में कूद पड़ता है ,कीचड़ में कुछ भी हो सकता था लेकिन कीचड़ में डूबी उस भीखी नाम की औरत की जान को बचा देते हैं * इस साहसिक घटना के फलस्वरूप जिला प्रशासन ने गणतंत्र दिवस 1992 को राजकीय स्टेडियम, बीकानेर में इनको प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया था। आप कई संस्थाओं ने सम्मानित हो चुके हैं।
आपके जीवन की बहुत सी कई घटनाएं हैं ,जहाँ आपने निडरता का परिचय दिया है चाहे वे प्रशासन व सार्वजनिक जीवन में अक्सर समय-समय पर देखी गई है। कई बार सार्वजनिक कार्यों के लिए राजकीय दफ्तरों में भी गेट बंद कर अफसरों को लोहा मनवाया है,इनका एक तकिया कलाम रहा है “आ ‘ सरकार आंधकी ,बोली – गूंगी है ” इसे हिलाओगै तब ही ये जागेगी।
राजनैतिक गतिविधियों में भी आप अपने ससुर मोहम्मद हुसैन कोहरी के एम.एल.ए चुनाव से ही सक्रिय रहे हैं ,आप कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे। आपका सभी राजनैतिक दलों के नेताओं से अच्छा सम्पर्क रहा है। अपने राजनैतिक अनुभव से ही आपने वार्ड 26 में अपनी धर्मपत्नी मेहमूदा को पार्षद चुनाव में अभूतपूर्व विजय दिलवाई। जबकि इस वार्ड में इनका कोई अच्छा जनाधार भी नही था। आज भी उस वार्ड के लोग याद करते हैं ।
आप राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय कर्मचारी- अधिकारी पेंशन संगठन के अध्यक्ष भी हैं। एक कम पढ़ा लिखा व्यक्ति पढ़ें लिखे लोगों का नेतृत्व कर रहा है।
बात यहीं खत्म नहीं होती आप सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक भी हैं, आपको सभी धार्मिक संप्रदाय के लोग धार्मिक कार्यक्रम में आमंत्रित करते हैं, आप वर्तमान में बहुत बड़े मदरसे के अध्यक्ष भी हैं ।
आप में नम्रता व व्यवहारिकता के गुण भी है,आप समाज के चर्चित व्यक्तियों में से हैं ,आप में सहयोग की भावना के साथ संघर्ष का जज़्बा भी है ,आप हर समय जनहित के कामों में अग्रिम पंक्ति में सदैव खड़े नज़र आते हैं। आपने रिडमलसर में मदरसे के लिए ज़मीन भी दी है। आप की मंशा भी है कि समाज के लिए मैं कोई यादगार काम करूँ ! समाज को भी आप से आशा है कि आप समाज को कोई अच्छा मैसेज देंगे ।
आपके उज्ज्वल भविष्य व स्वस्थ जीवन की कामना के साथ यौमे पड़ाइश की मुबारकबाद !! अल्लाह उम्रदराज करे आमीन !!!
“नाचीज़ बीकानेरी ” मो .9680868028
यौमे पैदाइश पर खुसूसी रिपोर्ट* समाज के अनमोल रत्न – सिफर से शिखर तक *हाज़ी मनफूल मांगलिया
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