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उत्तराखंड- राहुल गांधी पर केस के बाद सक्रियता

शुद्विकरण मामले में काग्रेसियों ने सीओ ऑफिस को घेरा, एफ.आई.अर पर अड़े

कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सीओ Circle Officer ऑफिस का घेराव करने और एफआईआर FIR दर्ज कराने पर अड़े रहने की घटनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में समय-समय पर स्थानीय विवादों, चुनावी रंजिशों या पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में सामने आती रही हैं। वर्तमान में देशव्यापी स्तर पर, उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद हुए मंच शुद्धिकरण विवाद को लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भारी विरोध-प्रदर्शन और पुलिस थानों व प्रशासनिक कार्यालयों का घेराव किया जा रहा है
इस बड़े राजनीतिक विवाद की मुख्य बातें इस प्रकार हैं
मुख्य विवाद और कांग्रेस का प्रदर्शन विवाद की वजह
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर शुद्धिकरण यज्ञ किया गया था।
कांग्रेस का आरोप- कांग्रेसी नेताओं ने इस शुद्धिकरण को देश के वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और पूरे दलित समाज का अपमान व छुआछूत की मानसिकता बताया है।
राहुल गांधी पर FIR इस मामले पर जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आवाज़ उठाई, तो उनके खिलाफ उत्तराखंड में एफ.आई.आर दर्ज कर ली गई।
कांग्रेस की मांग इसके विरोध में देश भर के कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। वे राहुल गांधी पर दर्ज हुई एफ.आई.आर. को फर्जी बताते हुए उसे वापस लेने और शुद्धिकरण करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख्त धाराओं में एफ.आई.आर FIR दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।
कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे- पुलिस द्वारा विपक्षी नेताओं या कार्यकर्ताओं पर की गई किसी एक तरफा या राजनीतिक रूप से प्रेरित एफ.आई.आर. के विरोध में।
दलित या कमजोर वर्गों पर उत्पीड़न- स्थानीय स्तर पर अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों के साथ हुए अन्याय पर पुलिस द्वारा तुरंत एफ.आई.आर. न लिखने के विरोध में।
चुनावी या स्थानीय झड़प- सत्तापक्ष के कार्यकर्ताओं के साथ हुई झड़प के बाद पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई न करने और दूसरी तरफ से एफ.आई.आर. दर्ज करने के दबाव में।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठाया। पवन खेड़ा ने यह भी पूछा कि क्या खड़गे की शिकायत पर एफ आई आर. होगी? पहले भी एक मामले में एफ आई आर के लिए राहुल गांधी को खुद धरना देना पड़ा था।
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दलितों के अपमान का मुद्दा उठाया था, लेकिन यह बात उत्तराखंड की डबल इंजन सरकार को बर्दाश्त नहीं हुई।
राहुल गांधी ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए शुद्धिकरण अनुष्ठान के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ RSS पर निशाना साधा था। तब से BJP और हिंदू संगठन लगातार राहुल गांधी पर हमला कर रहे हैं। इसी बीच, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने BJP और RSS पर तीखा हमला बोला है
उन्होंने X पर एक पोस्ट के जरिए अपने विरोधियों पर कड़ा प्रहार किया। जयराम रमेश ने कहा कि BJP और RSS ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाई गई बात यानी दलितों के साथ होने वाले अन्याय, अपमान और भेदभाव को सही साबित करने में 24 घंटे से भी कम समय लिया। इसका सबूत उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफSC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाना है।


शुद्धिकरण मामले में आरोपियों पर नहीं हुई कार्रवाई
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण के नाम पर किए गए छुआछूत और अपमान का मुद्दा उठाया और इसमें शामिल भाजपा कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग की थी, इसीलिए आज तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन न्याय की मांग कर रहे राहुल गांधी के खिलाफ अगले ही दिन FIR दर्ज हो गई।
न्याय से कम कुछ भी मंजूर नहीं
केंद्र और उत्तराखंड सरकार को घेरते हुए जयराम रमेश ने कहा कि यही वह सोच है, जिसके सामने बाबा साहब का संविधान सबसे बड़ी दीवार है, इसलिए संविधान उन्हें खटकता है, इसलिए वे उसे बदलना चाहते हैं। यह सब अवाम का ध्यान भटकाने और आवाज़ दबाने की कोशिश है। जिन लोगों ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ शुद्धिकरण के नाम पर छुआछूत और अपमान किया, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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