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महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग बार रूम की मांग, जिला एवं सत्र न्यायाधीश को सौंपा ज्ञापन

बीकानेर, 30 जून। बीकानेर न्यायालय परिसर में महिला अधिवक्ताओं के लिए पृथक बार रूम की मांग को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता सकीना बानों के नेतृत्व में महिला अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में न्यायालय परिसर में उपलब्ध बार रूम की वर्तमान व्यवस्था में बदलाव कर महिला अधिवक्ताओं के लिए अलग कक्ष आरक्षित करने का अनुरोध किया गया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि नए न्यायालय परिसर में दो कॉमन बार रूम बनाए गए हैं, जिनमें से एक भूतल और दूसरा प्रथम तल पर स्थित है। भूतल स्थित बार रूम को न्यायालय प्रशासन द्वारा इस शर्त के साथ आवंटित किया गया है कि किसी भी अधिवक्ता का उस पर स्थायी रूप से बैठने का अधिकार नहीं होगा तथा उसका उपयोग आवश्यकता अनुसार सभी अधिवक्ताओं द्वारा किया जा सकेगा। वहीं प्रथम तल स्थित बार रूम में कुछ अधिवक्ताओं ने स्थायी रूप से बैठना शुरू कर दिया है और वहां टेबल-कुर्सियां लगाकर नियमित उपयोग किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि न्यायालय परिसर में वर्तमान में महिला अधिवक्ताओं के लिए कोई पृथक बार रूम उपलब्ध नहीं है, जबकि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने महिला अधिवक्ताओं के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया है। इसके अलावा पुराने न्यायालय परिसर में महिला कॉमन रूम बना हुआ है, जिसका पर्याप्त उपयोग नहीं हो रहा है।
महिला अधिवक्ताओं की बढ़ती संख्या, दूर-दराज़ से आने वाली महिला वकीलों की सुविधाओं तथा विश्राम एवं अन्य आवश्यकताओं का उल्लेख करते हुए ज्ञापन में मांग की गई है कि भूतल अथवा प्रथम तल पर स्थित किसी एक बार रूम को महिला अधिवक्ताओं के लिए आरक्षित किया जाए। उनका कहना है कि इससे महिला अधिवक्ताओं को न्यायालय परिसर में कार्य करने के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
प्रतिनिधिमंडल में एडवोकेट सकीना बानों, एडवोकेट हरशन ख़ान, एडवोकेट निशा कादरी, एडवोकेट प्रियंका, एडवोकेट तारा भाटी, एडवोकेट बेनजीर, एडवोकेट नीलम, एडवोकेट काव्या और एडवोकेट गुरजीत शामिल रहीं।
ज्ञापन की प्रति बार एसोसिएशन, बीकानेर के अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।

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